कुछ सरकारी दस्तावेज़ों को सर्च इंजनों से जानबूझकर छिपाने की कोशिश की
गई है जैसे कि वोकेशनल ट्रेनिंग टर्म की जगह कुछ चिह्न इस्तेमाल किए गए
हैं.
कुछ मामलों में व्यस्कों के हिरासत केंद्रों के पास ही किंडरगार्टन बनाए गए है. जब यहां का दौरा किया तो चीन के सरकारी मीडिया के
रिपोर्ट इन किडरगार्टन की खूबियों का बखान करते नज़र आए.
वे कहते हैं कि ये बोर्डिंग स्कूल अल्पसंख्यकों के बच्चों को "जीवन के बारे में अच्छी
आदतें" सिखाने में मददगार हैं और यहां उन्हें घर से बेहर साफ़-सफ़ाई मिलती है. कुछ बच्चों ने तो अपनी अध्यापिकाओं को ही 'मां' कहना शुरू कर दिया है.
हमने
शिनज़ियांग के स्थानीय एजुकेशन ब्यूरो के नंबर पर फ़ोन किया ताकि इस तरह
के मामलों में आधिकारिक नीति के बारे में पूछ सकें. अधिकतर ने बात करने से
इनकार कर दिया मगर कुछ ने सिस्टम के अंदर की कुछ झलक दे दी.
एक अधिकारी से हमने पूछा कि जिन माता-पिता को कैंपों में ले जाया गया है, उनके बच्चों का क्या होता है.
उस
महिला अधिकारी ने कहा, "वे बोर्डिंग स्कूलों में हैं. हम उन्हें रहने की
जगह, खाना और कपड़े देते हैं. वरिष्ठ अधिकारियों ने हमें कहा है कि इनकी
अच्छी देखभाल करो.
इस्तांबुल के हॉल में जैसे-जैसे टूटे हुए परिवारों की कहानियां सामने आती हैं, उनका गहरा दुख और असंतोष भी ज़ाहिर होता है.
एक
मां ने मुझे बताया, "हज़ारों मासूम बच्चे अपने माता-पिता से अलग किए जा रहे हैं और हम लगातार गवाही दे रहे हैं. क्यों पूरी दुनिया सच को जानते हुए
भी ख़ामोश बैठी है?"
रिसर्च बताती है कि शिनज़ियांग में सभी बच्चे अब उन स्कूलों में हैं जिनमें कड़ी सख़्ती के साथ उन्हें अलग-थलग रखा जाता है.
कई स्कूलों में तो सर्विलांस सिस्टम लगे हैं, अलार्म लगे हैं और 10
हज़ार वोल्ट की बिजली वाली तारें लगी हैं. कुछ स्कूलों में तो सुरक्षा पर
होने वाला खर्च कैंपस के अन्य सभी खर्चों से अधिक है.
यह नीति 2017 में जारी हुई थी. उस समय जब हिरासत में लिए जाने के मामले नाटकीय ढंग से बढ़े थे.
ज़ेनज़
सवाल करते हैं कि क्या ये सरकार की पूर्व नियोजित कार्रवाई थी जिससे उईघुई के माता-पिता से जबरन उनके बच्चों को हासिल किया जा सके?
वो बताते
हैं, "मुझे लगता है कि माता-पिता और बच्चों को अलग-अलग रखने के लिए
व्यवस्थित रूप से ये एक स्पष्ट प्रमाण है कि शिनज़ियांग की सरकार एक नई
पीढ़ी को उनकी मूल जड़ों, धार्मिक विश्वासों और उनकी खुद की भाषा से काटने का प्रयास कर रही है."
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